- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच
- शनिचरी अमावस्या पर उज्जैन के शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल चढ़ा; घाटों से हटाए गए कपड़े और जूते-चप्पल
- “मैं पापा के साथ जाऊंगा…”: उज्जैन कोर्ट में मासूम की जिद के बाद पिता संग भैरवगढ़ जेल पहुंचा 4 साल का बच्चा
- बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम, कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत खिलाड़ियों ने भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
- 13 साल बाद बने दुर्लभ संयोग में उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या पर देशभर से पहुंचे श्रद्धालु; शनि मंदिर में स्नान के बाद कर रहे दान-पुण्य
अनाथ बच्चों का होगा जन्म पंजीयन, जन्म प्रमाण-पत्र में अनाथ बच्चा नहीं लिखा जायेगा
राज्य शासन ने अनाथ बच्चों के जन्म पंजीकरण के लिये दिशा-निर्देश जारी किये हैं। बच्चे के जन्म-स्थान के बारे में जानकारी न होने पर संबंधित अनाथालय अथवा जहाँ बच्चा रह रहा है, उसे ही जन्म-स्थान और क्षेत्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा निर्धारित तिथि को ही जन्म-तिथि माना जायेगा। माता-पिता के नाम की जानकारी संस्थान, अनाथालय को मालूम न होने की दशा में माता-पिता के नाम का कॉलम जन्म रिपोर्टिंग फार्म में खाली ही रखा जायेगा।
संबंधित रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु, जन्म रिपोर्टिंग प्रपत्र में उपलब्ध विवरण के आधार पर अनाथ बच्चे के जन्म को पंजीकृत करेंगे। पंजीकरण के बाद बच्चे का जन्म प्रमाण-पत्र जारी किया जा सकेगा, परंतु जन्म प्रमाण-पत्र में ‘अनाथ बच्चा” नहीं लिखा जायेगा। अनाथालय के प्रभारी/अभिभावक से कहा गया है कि उनकी देखभाल में रहने वाले बच्चों का यथाशीघ्र पंजीयन करवाये।